सनसनीखेज खुलासा: ISI और खालिस्तानी आतंकियों का 'नेक्सस', जासूसी नेटवर्क के जरिए भारत में बड़ी दहशगर्दी की साजिश

सनसनीखेज खुलासा: ISI और खालिस्तानी आतंकियों का 'नेक्सस', जासूसी नेटवर्क के जरिए भारत में बड़ी दहशगर्दी की साजिश

The Nexus Between the ISI and Khalistani Terrorists

The 'Nexus' Between the ISI and Khalistani Terrorists

साहिबाबाद। The 'Nexus' Between the ISI and Khalistani Terrorists, देश भर में जासूसी नेटवर्क चलाने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद लगातार सनसनीखेज जानकारी सामने आ रही हैं। नेटवर्क के पीछे शामिल आकाओं की जांच में अब नई साजिश का अंदेशा है। सूत्र बता रहे हैं कि खालिस्तानी अलगाववादियों की आड़ में आइएसआइ भारत में दहशतगर्दी की साजिश रच सकता है।

एक खालिस्तानी संगठन से जुड़े आतंकी अब आइएसआइ का मोहरा बनकर काम कर रहे हैं और भारत में जासूसी करा रहे हैं। इस नेटवर्क के पीछे पाकिस्तान में बैठे सरफराज उर्फ सरदार उर्फ जोरा सिंह, पाकिस्तानी गैंग्सटर एवं आतंकी शहजाद भट्टी, वकार उर्फ विक्की जट समेत अन्य का नाम सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।

विक्की जट इस नेटवर्क का मुख्य हैंडलर बताया गया है जो पाकिस्तान इंटेलीजेंस आपरेटिव (पीआइओ) से जुड़ा है। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है।

आतंकियों की लोकेशन नेपाल, दुबई, कनाडा, मलेशिया, पाकिस्तान में आ रही हैं। वहीं जांच में आया है कि साजिश के लिए हवाला के जरिये पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते फंडिंग हो रही थी। बृहस्पतिवार को भी पंजाब में इस नेटवर्क से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। अंदेशा है कि आतंकी पंजाब चुनाव के दौरान हरकत कर सकते हैं।

14 मार्च को कौशांबी क्षेत्र से एक महिला समेत जब छह लोगों को गिरफ्तार किया गया तो पूछताछ में देश भर में रेलवे स्टेशनों समेत सैन्य ठिकानों व संवेदशनशील स्थानों की पाकिस्तान के लिए जासूसी का पर्दाफाश हुआ। आरोपित फोटो, वीडियो, लोकेशन आइएसआइ एजेंट सरफराज उर्फ सरदार जोरा सिंह को भेज रहे थे और दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन पर आरोपितों ने सोलर बेस्ड कैमरे भी लगाए थे।

मामले में पुलिस अब तक 21 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं अंबाला में 13 मार्च को विस्फोटक के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। ये एक हमले को अंजाम देने वाले थे। इनकी गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तानी आतंकी एवं गैंग्स्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आने के बाद हापुड़ पुलिस ने अजीम और आजाद को गिरफ्तार किया था। ये भी धार्मिक स्थलों व संवेदनशील स्थानों की जासूसी कर रहे थे।

जांच में इन सबके सरगना विक्की जट उर्फ वकार का नाम सामने आया। पता चला कि सभी अंतरराष्ट्रीय गैंग्सटर हैं और एक खालिस्तानी संगठन से जुड़े हैं। अब ये लोग आइएसआइ के साथ मिलकर भारत में आतंकी हमलों की साजिश रच रहे हैं, इसके लिए ही जासूसी कराई जा रही थी।

पहलगाम हमले के बाद शहजाद और लारेंस बिश्नाेई में हुई दुश्मनी

सूत्र बता रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्व में पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी और भारतीय गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई में दोस्ती थी। पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों के बीच दुश्मनी हो गई और दोनों एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। लारेंस ने हमले का विरोध किया था।

सूत्र बता रहे हैं कि लारेंस के भाई अनमाेल बिश्नोई ने शहजाद पर पुर्तगाल में पिछले साल हमला भी कराया था, जिसमें वह बच गया था। शहजाद अपनी एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट में लारेंस को धमकी भी दे रहा है। अब आइएसआइ के एजेंट अपने गुर्गाें से लारेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर देश में जासूसी करा रहे हैं।

कौशांबी से जब पुलिस ने जासूसी नेटवर्क पकड़ा तो उनके मोबाइल में मिले वाट्सएप ग्रुप का नाम भी लारेंस बिश्नोई-007 के नाम से मिला था।

साने ईरम का मौसा भी जुड़ा था पाकिस्तानी आका के साथ ग्रुप में

सरफराज उर्फ सरदार 50 से अधिक वाट्सएप ग्रुपों में जुड़ा हुआ था। शुरुआत में एक ग्रुप में जब साने ईरम उर्फ महक जुड़ी तो उसमें उसका मौसा पहले से जुड़ा हुआ था। उसने अपने मौसा से सरदार के बारे में पूछा तो मौसा ने उसे अपना दोस्त बताया। पूछताछ के बाद पुलिस ईरम के मौसा की तलाश में जुटी है।